पत्रकार की हत्या को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया


जौनपुर, मड़ियाहूँ उत्तर प्रदेश: प्रदेश के सीतापुर जनपद में एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की निर्मम हत्या को लेकर पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के विरोध में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के पदाधिकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिला अध्यक्ष तामीर हसन शीबू और जिला प्रभारी शशिकांत मौर्य के नेतृत्व में सैकड़ों पत्रकारों ने मड़ियाहूँ अपर जिला अधिकारी (एडीएम) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से हत्या के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई।

इस दौरान परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं की गईं, तो परिषद राष्ट्रीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

मालूम हो कि पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेमपुर नेरी रेलवे क्रॉसिंग के ओवरब्रिज के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी,  हमलावरों ने पहले पत्रकार को बाइक से गिराया फिर उनपर गोलियों की बौछार कर दी. इस हमले में राघवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी. उनके खून से लथपथ शव को अस्पताल लाया गया, जहां उनके परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था ,

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

पत्रकारों ने इस अवसर पर सरकार से जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष इज़हार हुसैन, संजय सिंह, इम्तियाज़ अहमद, जिला महासचिव मनीष श्रीवास्तव, अनवर हुसैन, रियाजुल हक़, जिला सचिव रवि केसरी, आबिश इमाम, मोहम्मद असलम, संगठन मंत्री कलीम सिद्दीकी, आई टी सेल प्रभारी मोहम्मद अल्ताफ,  सदस्य मोहम्मद हारून, विधिक सलाहकार अमित तिवारी, तहसील प्रभारी राहुल गुप्ता, तहसील अध्यक्ष रवि सिन्हा, महासचिव अभिषेक पटेल, कपिल देव सिंह, गंगेश निगम, उपाध्यक्ष हिमांशु विश्वकर्मा, रोहित पटेल, सोनू गुप्ता, सिकंदर भारती, कोमल यादव, आशीष मौर्य, रोहित मिश्रा सहित कई  पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।